Want a girlfriend !!

I am looking for a girlfriend based in US, because my phone minutes are being wasted. I want to consume my phone minutes to the fullest. I have unlimited nights and weekends free plan.
Interested girls , please leave a comment.

Btw I wrote this post from my blackberry.

Posted by :ubuntu at 10:17:00 AM 2 comments  

Words

I found this शैर in one of my friend's blog. I thought it's worth spreading it.

ज़रा आवाज़ का लहजा तो बदलो ,
ज़रा मद्धम करो इस आंच को सोना ।
के जल जाते हैं कुंग्रे नर्म रिश्तों के
ज़रा अल्फाज़ के नाखून ताराशो
बहुत चुभते हैं जब नाराज़गी से बात करती हो ।

-गुलज़ार साहब


He goes further to write more , find it here : projectbee

Posted by :ubuntu at 12:23:00 PM 1 comments  

Agar tum mil jao - Original Version

I found this on YouTube.

An old and i guess original version of the song "Agar tum mil jao"

The singer is Tassarvur Khanum. I have never heard of her, but her voice is pleasing.



Posted by :ubuntu at 9:32:00 PM 1 comments  

Lovely video

I was looking for this video since ages , today i found it. It's a beautiful but lesser known gazal of Jagjit Singh from his album Bhopal Express

Hope you'll enjoy this.

Posted by :ubuntu at 10:22:00 PM 0 comments  

आराम करो

यह कविता विश्व मक्कड़ जाल पर मिली और लगा इसी में जीवन कि सचाई है ।
आप भी पढें और सांसारिक मिथ्या से बाहर निकले ।

आराम करो

एक मित्र
मिले, बोले, "लाला, तुम किस चक्की का खाते हो?इस डेढ़ छँटाक के राशन में भी तोंद
बढ़ाए जाते हो।क्या रक्खा है माँस बढ़ाने में, मनहूस, अक्ल से काम
करो।संक्रान्ति-काल की बेला है, मर मिटो, जगत में नाम करो।"हम बोले, "रहने दो
लेक्चर, पुरुषों को मत बदनाम करो।इस दौड़-धूप में क्या रक्खा, आराम करो, आराम
करो।आराम ज़िन्दगी की कुंजी, इससे न तपेदिक होती है।आराम सुधा की एक बूंद, तन का
दुबलापन खोती है।आराम शब्द में 'राम' छिपा जो भव-बंधन को खोता है।आराम शब्द का
ज्ञाता तो विरला ही योगी होता है।इसलिए तुम्हें समझाता हूँ, मेरे अनुभव से काम
करो।ये जीवन, यौवन क्षणभंगुर, आराम करो, आराम करो।यदि करना ही कुछ पड़ जाए तो अधिक न
तुम उत्पात करो।अपने घर में बैठे-बैठे बस लंबी-लंबी बात करो।करने-धरने में क्या
रक्खा जो रक्खा बात बनाने में।जो ओठ हिलाने में रस है, वह कभी न हाथ हिलाने में।तुम
मुझसे पूछो बतलाऊँ -- है मज़ा मूर्ख कहलाने में।जीवन-जागृति में क्या रक्खा जो रक्खा
है सो जाने में।
मैं यही सोचकर पास अक्ल के, कम ही जाया करता हूँ।जो बुद्धिमान
जन होते हैं, उनसे कतराया करता हूँ।दीए जलने के पहले ही घर में आ जाया करता हूँ।जो
मिलता है, खा लेता हूँ, चुपके सो जाया करता हूँ।मेरी गीता में लिखा हुआ -- सच्चे
योगी जो होते हैं,वे कम-से-कम बारह घंटे तो बेफ़िक्री से सोते हैं।अदवायन खिंची खाट
में जो पड़ते ही आनंद आता है।वह सात स्वर्ग, अपवर्ग, मोक्ष से भी ऊँचा उठ जाता है।जब
'सुख की नींद' कढ़ा तकिया, इस सर के नीचे आता है,तो सच कहता हूँ इस सर में, इंजन
जैसा लग जाता है।मैं मेल ट्रेन हो जाता हूँ, बुद्धि भी फक-फक करती है।भावों का रश
हो जाता है, कविता सब उमड़ी पड़ती है।मैं औरों की तो नहीं, बात पहले अपनी ही लेता
हूँ।मैं पड़ा खाट पर बूटों को ऊँटों की उपमा देता हूँ।मैं खटरागी हूँ मुझको तो खटिया
में गीत फूटते हैं।छत की कड़ियाँ गिनते-गिनते छंदों के बंध टूटते हैं।मैं इसीलिए तो
कहता हूँ मेरे अनुभव से काम करो।यह खाट बिछा लो आँगन में, लेटो, बैठो, आराम
करो।

Posted by :ubuntu at 8:45:00 PM 0 comments  

Charlotte Snowfall

Guys here are the pics of snowfall in Charlotte.

http://picasaweb.google.com/p.bahuguna/SnowFallInCharlotte

Here is one more

http://picasaweb.google.com/SouvikGupta2004/SnowInCahrlotte


Enjoy

Posted by :ubuntu at 3:40:00 PM 0 comments  

Test Post

Posted by :ubuntu at 8:25:00 AM 0 comments